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भारतीय संस्कृति ...

भारतीय संस्कृति पर धर्म का प्रभाव

Author Name : डाॅ. सुनीता गुप्ता

सारांश 

भारतीय संस्कृति विश्व की अत्यन्त प्राचीन और श्रेष्ठ संस्कृति है। यह लौकिकता, अधिभौतिकता और भोगवाद की बजाय आध्यात्मवाद और आत्मतत्व की भावना पर केन्द्रित है, जिसका मूल लक्ष्य शान्ति, सहिष्णुता, एकता, सत्य, अहिंसा और सदाचरण जैसे मानवीय मूल्यों की स्थापना करके समस्त विश्व की आध्यात्मिक उन्नति करना है। इसमें सबके सुख के लिये, सबके हित में कार्य करने के उद्देश्य के साथ समस्त विश्व को अपना परिवार मानने की भावना अन्तर्निहित है। स्वछन्दता और स्वार्थान्धता से अलग इसमें न्याय, उदारता, परहित और त्याग जैसे चारित्रिक गुणों के आधार पर आदर्श जीवन जीने और विश्व मानव को एक सूत्र मं े बाँधने की शक्ति है। सही मायनों में भारतीय  संस्कृति मनुष्य जीवन को सार्थक करने का मूलमत्रं है। अपने धर्म के अनुसार लोग मान्यताओं, रीति-रिवाज और परंपरा को मानते हैं। हम अपने त्योहारों को अपने रस्मों के हिसाब से मनाते हैं, व्रत रखते हैं, भगवान की पूजा और प्रार्थना करते हैं, रस्मों से संबंधित गीत गाते हैं, नृत्य करते हैं, रंग-बिरंगे कपड़े पहनते हैं और दूसरी ढ़ेर सारी क्रियाकलाप करते हैं।