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एम0 एन0 राय के नव-म...

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एम0 एन0 राय के नव-म...

एम0 एन0 राय के नव-मानववाद की अवधारणा का विश्लेषण

Author Name : प्रो0 गोपाल प्रसाद, राजन कुमार गोंड

DOI: https://doi.org/10.56025/IJARESM.2024.1208243074

 

भारत में समाजवादी चिंतन परम्परा में डॉ0 एम0एन0 राय का नाम बहुत आदर एवं सम्मान के साथ लिया जाता है। ये कई मायनों में एक अद्भुद व्यक्ति थे। यह एक प्रसिद्ध राष्ट्रवादी, राजनीतिक चिन्तक एवं क्रांतिकारी रहे, जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में अपना वैचारिक और क्रांतिकारी योगदान दिया और साथ ही इनका मानववाद से सम्बन्धित विचार राजनीति विज्ञान का प्रमुख देन है। नव-मानववाद व्यक्तिवाद का नवीन रूपान्तरण है। एम0एन0 राय द्वारा जगत में किसी पारलौकिक सत्ता की सर्वश्रेष्ठता को स्वीकार कर मनुष्य की क्षमता पर अधिक विश्वास किया, मनुष्य के जीवन में धर्म के महत्व को उन्होंने अस्वीकार किया, लेकिन वह नैतिक मूल्यों की सर्वोच्चता में विश्वास करते थे, जिनका निर्धारण व्यक्ति स्वयं के तर्क और विवेक द्वारा सामाजिक कल्याण के दृष्टिकोण से करें, साथ ही उन्होंने समाज में नैतिक मूल्यों के प्रतिष्ठापन का आग्रह किया तथा साम्यवाद में अधिनायकवादी प्रकृतियों के समावेश का विरोध किया। उनके द्वारा प्रतिपादित नव-मानववाद का राजनीतिक चिन्तन के क्षेत्र में एक अनुपम योगदान माना जाता है।