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‘वीरांगनाएँ झलक...

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‘वीरांगनाएँ झलक...

‘वीरांगनाएँ झलकारी बाई’ उपन्यास मे समकालीन सामाजिक परिवेश

Author Name : डॉ आभा झा

मोहनदास नैमिशराय ने अपने उपन्यासों में भोगे हुए यथार्थ का चित्रण किया है। मुख्य रूप से सामाजिक,धार्मिक,राजकीय,आर्थिक परिवेश का।समाज-व्यवस्था में नैमिशराय जातिवाद के शिकार हुए हैं।जिस प्रकार दलित समाज सत्ता,शिक्षा,संपत्ति आदि अधिकारों से वंचित था,उसी प्रकार नैमिशराय भी इन अधिकारों से दूर थे। इन्हीं भोगे हुए अनुभव की अनुभूति उनके उपन्यासों में दिखाई देती है।