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निराला के साहित्...

निराला के साहित्य में नारी का स्वरुप एवं नारी की सामाजिक चेतना: एक अध्यन

Author Name : डॉ. शीतल दिलोर

सार: निराला जी एक महान साहित्यकार थे जिन्होंने भारतीय समाज के विभिन्न मुद्दों पर अपनी लेखनी से अभिव्यक्ति दी। उनके साहित्य में नारी का स्वरूप भी एक महत्वपूर्ण विषय रहा है। निराला जी के लेखों और कविताओं में नारी को एक दीव्य स्वरूप के रूप में दिखाया गया है। उन्होंने नारी के सभी पहलुओं को समान महत्व दिया जैसे कि माता, बहन, पत्नी और बेटी। उन्होंने नारी की जड़ों से लेकर उनके सपनों तक के सभी पहलुओं को अपनी रचनाओं में दर्शाया। किसी भी समाज या राष्ट्र के विकास को जानने और परखने के लिए उस समाज या देश की नारी की स्थिति को जानना बहुत जरूरी है। समाज के उत्थान-पतन में नारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है लेकिन यह अलग बात है कि पुरुष प्रधान समाज अपने बहन के कारण इस सच्चाई को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।