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विलय एवं अधिग्रहà...

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विलय एवं अधिग्रहà...

विलय एवं अधिग्रहण द्वारा भारतीय बैंकों के समेकन का आलोचनात्मक अध्ययन

Author Name : डॉ0 नीरज गोयल

 शोध सारांश
बाजार की गतिशीलता और भावी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुये बैंकों के आस्ति आधार को मजबूत करने के लिये बैंकिंग उद्योग में विलय एवं अभिग्रहण के द्वारा बैंकों का समेकन अनिवार्य साधन के रूप में आया है। तर्क है कि समेकन से न केवल पूरे देश में विस्तृत वित्तीय मध्यस्थता का काम आसान होगा बल्कि वैश्विक बैंकिंग संस्था के रूप में उभरने के लिये भारतीय बैंक अर्न्तराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिये तैयार होगे। समेकन कार्यक्षमता, परिचालन प्रक्रिया एवं प्रबन्धकीय दक्षता बढ़ाने का साधन माना जाता है। 
ार्यक्षमता, परिचालन प्रक्रिया एवं प्रबन्धकीय दक्षता बढ़ाने का साधन माना जाता है।