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ʺ वर्तमान परिपेक...

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ʺ वर्तमान परिपेक...

ʺ वर्तमान परिपेक्ष्य में महात्मा गान्धी के शैक्षिक दर्शन की प्रासंगिकता ˮ

Author Name : प्रदीप कुमार

परिचय महात्मा गान्धी की दृश्टि में शिक्षा एक ऐसी गतिविधि हैं जिसने व्यक्ति को सर्वांगीण विकास में सामाजिक नैतिक शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम बनाया । गान्धी जी का मानना था कि वर्तमान भारत जैसे गरीब देश के लिए शिक्षा प्रणाली उपयुक्त नहीं थी । उसने मौजूदा प्रणाली को देश की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अनुपयुक्त हैं । गान्धी जी शिक्षा की अधिक उपयोगितावादी व्यवस्था के पक्षधर थे । इसलिए उसके मन में शिक्षा की पूरी व्यवस्था को बदलने का विचार आया । उसने नई नीति के आधार पर और नए दृश्टिकोण के साथ शिक्षा पर एक नया प्रयोग किया । उनके मार्गदर्शन में वर्धा शिक्षा योजना को अपनाया गया । उनके अनुसार शिक्षा किसी शिल्प और उत्पादक कार्य के माध्यम से और यदि कुशलता से पढाया जाए तथा पूरी तरह से वह स्कूल को अपने शिक्षण स्टाफ की लागत का भुगतान करने में सक्षम बनाना चाहिए । इससे राज्य को बुनियादी शिक्षा तुरंत प्रभाव से मुफ्त और अनिवार्य योजना शुरू करने में मदद मिलेगी ।