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सूरदास के काव्य म...

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सूरदास के काव्य म...

सूरदास के काव्य में वात्सल्य रस

Author Name : रीतू रानी

सारांश

सूरदास जी वात्सल्य रस के सम्राट कहे जाते हैं। उन्होंने जैसा वात्सल्य वर्णन किया है वैसा किसी अन्य के द्वारा नहीं किया गया। तुलसी दास जी भी इस दौड़ में इन से पिछड़ गए। तुलसी जी भी श्री राम की बाल लीलाओं का इतना मनमोहक वह हृदयस्पर्शी वर्णन अपने खुले चक्षुओं से नहीं कर पाए जितना मोहक व सुंदर एयथार्थ एवं व्यापक चित्रण इन्होंने अंत चक्षुओं से किया। उन्होंने न केवल वात्सल्य अपितु श्रृंगार रस का भी अत्यंत मर्मस्पर्शी चित्रण किया ।चाहे फिर वह संयोग श्रृंगार हो या वियोग श्रृंगार रस। इनके द्वारा किया गया वात्सल्य वर्णन हिंदी साहित्य की अनमोल धरोहर है ।वात्सल्य वर्णन करते हुए यह इतने भाव विभोर हो जाते हैं कि संसार का कोई भी आकर्षण इनके लिए शेष नहीं रहता ।सूरदास जी के बारे में इस प्रकार कहा गया हैरू.